नई दिल्ली: नई पीढ़ी यानी Gen Z ने राजनीति और विरोध प्रदर्शनों का चेहरा बदल दिया है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के ज़रिए यह पीढ़ी सत्ता प्रतिष्ठानों को चुनौती दे रही है। भारत में हाल ही में उभरे Cockroach Janta Party (CJP) जैसे छात्र आंदोलनों ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर लाखों फॉलोअर्स जुटाकर दिखा दिया कि बिना पारंपरिक राजनीतिक नेतृत्व के भी जनसमर्थन हासिल किया जा सकता है। वैश्विक स्तर पर भी Gen Z ने अपनी ताक़त दिखाई है। बांग्लादेश में छात्रों के आंदोलन ने प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देने पर मजबूर किया। श्रीलंका में युवाओं ने आर्थिक संकट के बीच राष्ट्रपति राजपक्षे को सत्ता छोड़ने पर मजबूर किया। केन्या में कर वृद्धि के खिलाफ आंदोलन ने राष्ट्रपति विलियम रुटो को वित्त विधेयक वापस लेने पर मजबूर किया।