पटना.....सुधिजनों,खट्टी-मीठी यादों के साथ बिदा हो चुका है वर्ष 2023. समय भी तेजी से बदलाव को गले लगाते हुए वर्ष 2024 अपने पथ पर, निर्वाध गतिशील हो चला है। यह तो तय है कि यह साल भले ही बदल गया है लेकिन हमारा साथ नहीं। प्रगाढ़ संबंधों पर हमें नाज़ था और रहेगा।निभाने की क्षमता अज्ञात शक्ति का सबसे अनूठा उपहार माना जाता है।नव संकल्प के विहंगम स्वरूप का समय प्रसंग को भी जरूरत है। हमें चाहिए आपका साथ तभी नित नव प्रयोग में हम सफल हो सकते हैं।संवाद को यथार्थ की कसौटी पर खड़ा उतारना बिना सुधिजनों के आशीर्वाद का संभव नहीं।हमारी कोशिश है आपसी सहभागिता के बल पर।नये साल में हमें अपेक्षा है प्रबुद्ध विद्वतजनों से कि वे हमें खुद का अंग समझ सुझावों से अनुग्रहित करेंगे ताकि यह पत्रिका
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कामनाओं के साथ समय प्रसंग परिवार।