गेहूं की कटाई के बाद खेत खाली छोड़ने के बजाय, नई तकनीकों और स्मार्ट खेती के तरीकों का इस्तेमाल करके किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। गेहूं की कटाई के बाद खेत का सही उपयोग करना न केवल आय बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बनाए रखता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस प्रकार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर किसान बेहतर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

पराली का प्रबंधन

गेहूं की कटाई के बाद खेत में बची पराली को जलाने के बजाय इसका सही प्रबंधन करें। इसके लिए किसान आधुनिक मशीनों जैसे स्ट्रॉ रीपर, श्रेडर या हैप्पी सीडर का उपयोग कर सकते हैं। इनसे पराली को खेत में ही खाद के रूप में बदलकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है।

बीज की बुवाई

कटाई के बाद खेत का उपयोग रबी या खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किया जा सकता है। जल्दी बुवाई के लिए मल्टी-क्रॉप ड्रिल जैसी मशीनों का इस्तेमाल करें। किसान मक्का, ज्वार, बाजरा, और सब्जियों जैसी फसलों की बुवाई कर सकते हैं।

पशुपालन और मत्स्य पालन

खेत के एक हिस्से में पशुपालन या मत्स्य पालन की शुरुआत करें। आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर इनसे भी अच्छी आय हो सकती है।

सोलर पैनल से अतिरिक्त आय

खेत की बंजर भूमि या खाली क्षेत्रों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है। इस बिजली को सरकारी कंपनियों को बेचकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं।

जैविक खेती

मौजूदा रासायनिक खेती के स्थान पर जैविक खेती को अपनाएं। इससे उपज की गुणवत्ता बढ़ेगी और बाजार में जैविक उत्पादों की उच्च मांग के कारण अधिक मुनाफा मिलेगा। जैविक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कर किसान पर्यावरण अनुकूल खेती कर सकते हैं।

कृषि यंत्रों का उपयोग

किसान फसल अवशेष प्रबंधन और अगली फसल की तैयारी के लिए कृषि यंत्रों का उपयोग करें। आधुनिक उपकरण न केवल समय बचाते हैं बल्कि उत्पादन लागत भी कम करते हैं।

सरकार की योजनाएं और सब्सिडी

कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाएं। कई योजनाएं आधुनिक उपकरणों की खरीद और वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई हैं। किसान कृषि विभाग से संपर्क कर इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वैकल्पिक फसलों की खेती

गर्मी के मौसम में किसान सूरजमुखी, मूंगफली, मूंग, ढेंचा जैसी फसलों की खेती करके अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। ये फसलें जल्दी तैयार होती हैं और मिट्टी को भी उपजाऊ बनाए रखती हैं।

नतीजा

गेहूं की कटाई के बाद नई तकनीकों और आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाकर किसान तगड़ी कमाई कर सकते हैं। यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यावरण और खेती की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा।

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