वैश्विक बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू शेयर बाजार बुधवार (5 मार्च) को सपाट नोट पर खुल सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर सुबह 7:10 बजे 54 अंक बढ़कर 22124 पर कारोबार कर रहा था। यह बाजार में तेजी का संकेत देता है।
हालांकि, अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट और एशियाई बाजारों में उतार-चढ़ाव से बाजार के कमजोर से सपाट नोट में खुलने की संभावना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ लगाने की अपनी योजना को फिर से दोहराया है। इससे भारत समेत दुनिया भर के बाजारों में सेंटीमेंट कमजोर हुए हैं। साथ ही विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार जारी बिकवाली ने भी बाजार पर नेगेटिक असर डाला है।
इससे पहले मंगलवार को बाजार में लगातार तीसरी दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 96.01 अंक या 0.13% की गिरावट लेकर 72,989.93 पर बंद हुआ। निफ्टी 36.65 अंक या 0.17% की गिरावट लेकर 22,082 पर क्लोज हुआ।
निफ्टी में गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला
निफ्टी-50 ने मंगलवार को लगातार 10वें कारोबारी सत्र में नुकसान दर्ज करते हुए 22,080 पर बंदी की। यह 4 जून के बाद इसका सबसे निचला स्तर है और 26 सितंबर के सर्वोच्च स्तर से 16 फीसदी गिरावट दर्शाता है। लगातार 10 कारोबारी सत्र में नुकसान 22 अप्रैल 1996 को निफ्टी की शुरुआत के बाद से गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला है। निफ्टी 50 की आधार तारीख 3 नवंबर 1995 जबकि वैल्यू 1,000 है। 28 दिसंबर 1995 और 10 जनवरी 1996 के बीच निफ्टी लगातार 10 कारोबारी सत्र में नुकसान दर्ज करते हुए करीब 6 फीसदी लुढ़का था। हाल के 10 कारोबारी सत्रों के दौरान निफ्टी 3.83 फीसदी यानी 879 अंक फिसला है।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों पर टैरिफ लगाने के फैसले पर कंपनियों और निवेशकों की प्रतिक्रिया के कारण वॉल स्ट्रीट पर शेयरों में फिर से गिरावट देखी जा रही है। मंगलवार की सुबह एसएंडपी 500 में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई, नैस्डैक में 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई और डॉव में 423 अंक या 1 प्रतिशत की गिरावट आई।
अमेरिका, चीन, कनाडा और मैक्सिको के बीच बढ़ते ट्रेड वॉर से अमेरिकी शेयरों में हाल ही में आई गिरावट और ज़्यादा बढ़ गई है। यह गिरावट पहले अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेतों के कारण आई थी।