गुप्त गलियारे की शुरुआत

दस सालों से होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे संवेदनशील बिंदु रहा है। हाल ही में ईरान की धमकियों और हमलों के बीच अमेरिका ने एक गुप्त समुद्री मार्ग तैयार किया।

यह मार्ग ओमान के तट के पास दक्षिणी चैनल से होकर बनाया गया।

अमेरिकी सेना ने इसे रात के समय सक्रिय किया ताकि टैंकर सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें।

इस ऑपरेशन का समन्वय अमेरिका के Fort Bragg, North Carolina स्थित टास्क फोर्स ने किया।

ऑपरेशन की रणनीति

हर रात 15–20 टैंकरों को काफिले के रूप में निकाला गया।

जहाज़ों को इनबाउंड और आउटबाउंड कॉन्वॉय में बाँटा गया।

अमेरिकी वायुसेना के फाइटर जेट्स इन टैंकरों को ईरानी ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों से बचाते रहे।

औसतन 10 मिलियन बैरल तेल प्रतिदिन निर्यात हुआ, और कुछ दिनों में यह आंकड़ा 15–20 मिलियन बैरल तक पहुँच गया।

ईरान की निगरानी क्षमता कमजोर

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दो सप्ताह का सैन्य अभियान चलाकर ईरान की रडार और समुद्री निगरानी प्रणाली को कमजोर कर दिया।

इसके बाद ईरान की क्षमता घट गई और अमेरिकी सेना ने दक्षिणी मार्ग पर नियंत्रण कर लिया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा: “IRGC परेशानी खड़ी कर सकता है, लेकिन वे जलडमरूमध्य को नियंत्रित नहीं करते। हम करते हैं।”

वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर असर

युद्ध के कारण तेल की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी थीं।

इस गुप्त गलियारे ने वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने में मदद की।

लगभग आधी पूर्व-युद्ध मात्रा (10 मिलियन बैरल प्रतिदिन) अब भी निर्यात हो रही है।

इससे ऊर्जा संकट और कीमतों में और उछाल को रोका गया।