मैच का अवलोकन:
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह सेमीफाइनल मुकाबला दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में आयोजित हुआ था। टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया, जो कि पिच की स्थिति को देखते हुए सही प्रतीत हो रहा था।
ऑस्ट्रेलिया की पारी:
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उन्होंने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए। भारतीय गेंदबाजों, विशेषकर वरुण चक्रवर्ती और जसप्रीत बुमराह, ने अनुशासित गेंदबाजी के साथ दबाव बनाया। कप्तान स्टीव स्मिथ और ट्रैविस हेड ने ऑस्ट्रेलिया की पारी को संभाला और महत्वपूर्ण साझेदारी की। स्मिथ ने अपने शानदार शॉट्स से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि हेड ने उनके साथ अच्छा सहयोग दिया।
जैसे ही ऑस्ट्रेलिया ने गति पकड़नी शुरू की, रविंद्र जडेजा ने स्मिथ को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। स्मिथ 58 रन बनाकर आउट हुए। हेड भी जल्द ही वरुण चक्रवर्ती का शिकार बने। मिडिल ऑर्डर ने बढ़त को कायम रखने की कोशिश की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। अंत में मार्कस स्टोइनिस की तेजतर्रार पारी से ऑस्ट्रेलिया 49.3 ओवर में 264 रनों पर सिमट गया।
भारत की पारी:
265 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी नाजुक रही। सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल और रोहित शर्मा जल्दी ही आउट हो गए। गिल मात्र 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि रोहित 28 रन बनाकर आउट हुए। भारत का स्कोर 43/2 हो चुका था और दबाव बढ़ता जा रहा था।
उसके बाद विराट कोहली और युवा सितारे श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। दोनों ने सूझबूझ के साथ साझेदारी करते हुए महत्वपूर्ण रन बनाए। कोहली विशेष रूप से शानदार फॉर्म में थे और हर दिशा में शॉट्स लगा रहे थे। अय्यर ने भी अच्छी बल्लेबाजी की और रन रोटेट करते रहे।
हालांकि, अय्यर 45 रन बनाकर आउट हुए। हार्दिक पंड्या ने 28 रन बनाकर टीम को सहयोग दिया। कोहली ने शानदार 84 रनों की पारी खेली, लेकिन शतक से चूक गए।
फिर केएल राहुल ने धैर्य के साथ खेलते हुए 42 रन नाबाद बनाए और भारत को जीत दिलाई। भारत ने 48.1 ओवर में 267/6 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया और फाइनल में अपनी जगह बनाई।
मुख्य प्रदर्शन:
विराट कोहली: शानदार 84 रन बनाकर पारी को संभाला।
श्रेयस अय्यर: 45 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।
रविंद्र जडेजा और वरुण चक्रवर्ती: महत्वपूर्ण विकेट लेकर रन रेट को नियंत्रित किया।
उत्सव और प्रतिक्रियाएं:
भारत की इस जीत पर दर्शकों में जश्न का माहौल था। खिलाड़ी एक-दूसरे को गले लगाकर बधाई दे रहे थे, और स्टेडियम में विजय के नारे गूंज रहे थे। यह जीत भारत के लिए खास थी क्योंकि उन्होंने एक मजबूत प्रतिद्वंदी को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
अब भारत फाइनल में दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से मुकाबला करेगा और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की कोशिश करेगा।