यह घटना 26 जुलाई, कारगिल विजय दिवस के आसपास हुई थी।

स्थान: मिनीमार्ग चेकपोस्ट, द्रास क्षेत्र (लद्दाख)।

सड़क को VIP मूवमेंट और सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किया गया था।

यात्रियों को लगभग 6 घंटे तक इंतज़ार करना पड़ा, जिससे गुस्सा और तनाव बढ़ गया।

वायरल वीडियो

वीडियो में महिला को कहते सुना गया: “We are Gen Z, we will not tolerate this nonsense!”

उसने सवाल उठाया कि मंत्री को रास्ता दिया गया, लेकिन आम यात्रियों को रोका गया।

यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई और आलोचना का केंद्र बन गई।

महिला का बयान और माफी

महिला ने NDTV से बातचीत में कहा:

“मैं भारतीय सेना का बहुत सम्मान करती हूँ। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी बातों से उन्हें ठेस पहुँचेगी।”

उसने बताया कि लंबा इंतज़ार और असुविधा के कारण वह निराश हो गई थी।

उसने सेना और पुलिस से कहा: “मुझे अपनी छोटी बहन समझकर माफ कर दीजिए।”

प्रतिक्रियाएँ

सेना के पूर्व अधिकारियों ने कहा कि सैनिकों की कुर्बानियों को समझना ज़रूरी है और इस तरह का व्यवहार अनुचित है।

सोशल मीडिया पर कई लोगों ने महिला की आलोचना की, वहीं कुछ ने कहा कि लंबा इंतज़ार और VIP मूवमेंट आम जनता के लिए समस्या बनते हैं।