दलाई लामा ने कहा है कि उनका उत्तराधिकारी ’मुक्त दुनिया’ में चीन के बाहर जन्म लेगा। यह घोषणा उन्होंने अपनी नई पुस्तक "Voice for the Voiceless" में की है। दलाई लामा ने कहा कि उनका उत्तराधिकारी तिब्बत के बाहर, संभवतः भारत में, जन्म लेगा, जहां वे निर्वासन में रहते हैं।
दलाई लामा का यह बयान उनके आध्यात्मिक और राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। उनका मानना है कि तिब्बत में चीन का शासन उनके उत्तराधिकारी की स्वतंत्रता और तिब्बत के लोगों की आकांक्षाओं को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उन्होंने कहा है कि उनका उत्तराधिकारी किसी ’मुक्त दुनिया’ के देश में जन्म लेगा, ताकि वह स्वतंत्र रूप से अपने आध्यात्मिक और धार्मिक कर्तव्यों का निर्वाह कर सके।
चीन ने दलाई लामा के उत्तराधिकारी की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश की है। चीन सरकार ने कहा है कि वह दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनेगा, लेकिन दलाई लामा ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि चीन द्वारा नामित किसी भी उत्तराधिकारी का सम्मान नहीं किया जाएगा। दलाई लामा ने कहा है कि उनका उत्तराधिकारी तिब्बत के बाहर जन्म लेगा और यह निर्णय तिब्बत के लोगों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण है।
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसके राजनीतिक और धार्मिक दोनों पहलू हैं। दलाई लामा का यह बयान तिब्बत के लोगों के लिए एक संदेश है कि उनका संघर्ष अभी भी जारी है और उनके अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उन्हें संघर्ष करना जारी रखना होगा।