बिहार विधानसभा में अपना दूसरा और मौजूदा सरकार का अंतिम बजट पेश करते हुए बिहार सरकार के वित्त विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम कई बार लिया।
वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने 3.17 लाख करोड़ का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2025 और 2026 में शिक्षा पर 60 हजार 954 करोड़, स्वास्थ्य पर 20 हजार 335, ग्रामीण विकास पर 16 हजार 193, ऊर्जा के लिए 13 हजार 483 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने कहा कि समृद्ध और सशक्त भारत निर्माण के लिए निर्धारित किये गये विजन-2047 के साथ-साथ समृद्ध बिहार की परिकल्पना को साकार करने के हमारे प्रयासों को द्रुत गति प्रदान करने के उद्देश्य से आज में बिहार सरकार का बजट प्रस्तुत कर रहा हूँ। आप अवगत हैं कि वर्षों की अराजकता के बाद राज्य को विकास के पथ पर लाने हेतु पिछले लगभग दो दशकों से नीतीश सरकार ने सफलतापूर्वक प्रयास किया है।उन्होंने कहा कि आज बिहार के विकास के लिए हमारे प्रयासों को राज्य की जनता ने जनसमर्थन देकर सराहा है। इसके लिए हम उनका अभिनन्दन करते हैं। साथ ही, हमें अहसास है कि हमारी सरकार द्वारा वर्षों के अथक प्रयास से तैयार किए गए राज्य के विकास के लिए जरूरी मजबूत ढाँचा के आधार पर नये बिहार के निर्माण के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए हमारे साथ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का मार्गदर्शन और आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के कुशल नेतृत्व की शक्ति एवं दृष्टि है, जो हमारे लिए विकसित बिहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए प्रेरणा का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के हमारे लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए मंत्र "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, नीतीश कुमार जी का संकल्प "न्याय के साथ विकास" हमारे लिए प्रेरणादायी शक्ति का कार्य करती है। एक ओर जहाँ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की वर्तमान सरकार राज्य के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ सहयोग कर रही है, वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य की सरकार ने अपने राजकोषीय संसाधनों के अतिरिक्त केन्द्र की सरकार से मिल रहे सहयोग को भी राज्य के विकास के लिए एक सुव्यवस्थित तरीके से उपयोग में लाया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रस्तुत केंद्र सरकार के बजट में बिहार को प्राथमिकता देने के लिए हम प्रधानमंत्री जी का विशेष आभार व्यक्त करते हैं। पिछले वर्ष के केन्द्रीय बजट में देश के विकास के लिए पूर्वोदय की जो अवधारणा प्रस्तुत की गई, उसमें बिहार के विकास के लिए कई प्रावधान किए गए थे। केंद्र और राज्य के डबल इंजन की सरकार के समेकित सहयोग से बिहार समग्र विकास के लिए और तेज गति से आगे बढ़ेगा, ऐसा हमारा पूर्ण विश्वास है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में हमारी सरकार के आने से पहले, वर्ष 2004-05 का बजट 23,885 करोड़ रुपए का था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 3.17 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। महोदय, न केवल बिहार के बजट के आकार में वृद्धि हुई है, बल्कि नीतीश सरकार ने राज्य में वित्तीय अनुशासन को भी स्थापित किया है। राज्य सरकार ने अपने वित्तीय प्रबंधन को तय मानकों के भीतर रखा है। राज्य सरकार ने बढ़े हुए बजट का उपयोग राज्य के सर्वांगीण विकास को आगे बढाने में किया है, जिसे विनिन्न सकेतकों में समय के साथ हुए सुधार में देखा जा सकता है। खास कर आधारभूत संरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य इस दौर में हुए है। राज्य की जनता ने जो विश्वास हम पर जताया है उस विश्वास के माध्यम से हम राज्य को विकास के विभिन्न आयामों के नए स्तर पर ले जाने के लिए संकल्पित हैं।
सम्राट चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार ने वित्तीय समेकन एवं अनुशासित वित्तीय ढांचा को सुदृढ करते हुए जहाँ एक ओर राजस्व बचत को वर्ष 2024-25 के 1.121.41 करोड़ रूपये से बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 8,831.18 करोड़ रूपये किया है, वहीं दूसरी ओर राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम द्वारा निर्धारित राजकोषीय घाटा को सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.00 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर रखा है।
इस बजट में अनेकों संस्थागत नीतियों को सहज एवं सुगम बनाया गया है। साथ ही, निजी निवेश को प्रोत्साहित किया गया है तथा राज्य के आर्थिक विकास की गति को तेजी प्रदान करने के लिए रोजगारयुक्त निवेश को बढ़ावा दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार राज्य का बजट आकार 3,16,895.02 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट आकार 2,78,725.72 करोड़ रुपये से 38,169.30 करोड़ रुपये अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वार्षिक स्कीम का बजट अनुमान 1,16,750 करोड़ रुपये है, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट अनुमान 1,00,000 करोड़ रुपये से 16,750 करोड़ रुपये अधिक है।