नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले 12 वर्षों में अभूतपूर्व आर्थिक परिवर्तन किया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में भारत को वैश्विक संस्थाओं ने ‘Fragile Five’ देशों में गिना था, लेकिन आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है।

आर्थिक उपलब्धियाँ

मोदी ने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं और यह भारत की सबसे बड़ी सामाजिक उपलब्धि है।

बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी, गैस कनेक्शन और शौचालय का विस्तार हुआ है।

700 शहरों में पाइप्ड गैस वितरण शुरू हो चुका है, जबकि 2014 में यह केवल 70 शहरों तक सीमित था।

भारत ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए समुद्री क्षेत्रों में नए तेल और गैस भंडार की खोज शुरू की है।

प्रधानमंत्री ने ‘सप्तधारा सुधार ढांचा’ पेश किया जिसमें विनिर्माण, कृषि, तकनीक, अवसंरचना, रक्षा, हरित और नीली अर्थव्यवस्था शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि भारत को पुराने कानूनों और प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाना होगा, ताकि 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना किया जा सके।

लक्ष्य: 2047 तक विकसित भारत (Viksit Bharat)।

मोदी ने कहा कि जब दुनिया का सबसे जनसंख्या वाला देश विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेता है, तो पूरी दुनिया को भारत को अलग दृष्टि से देखना पड़ता है।

उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि “वंदे मातरम पहली बार लाल किले से गूंजा है और यह हर भारतीय के दिल में बसता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्रगति अब केवल घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करेगी।

प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि ग्रिड स्थिरता, ऊर्जा मांग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि भारत को नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड तकनीक पर निवेश बढ़ाना होगा।

साथ ही, युवा शक्ति और तकनीकी नवाचार को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया।

मोदी का स्वतंत्रता दिवस संबोधन भारत की आर्थिक यात्रा का सार प्रस्तुत करता है:

‘Fragile Five’ से निकलकर दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था तक का सफर।

गरीबी उन्मूलन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प।

भारत की कहानी अब केवल विकास की नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ते कदमों की है।