संजय सरावगी, जिनका जन्म 1969 में हुआ, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक प्रमुख नेता और बिहार विधान सभा के समर्पित सदस्य हैं। वे दरभंगा शहर के गांधी चौक, बड़ा बाजार निवासी है। वे मारवाड़ी वर्ग से आते हैं, जो वैश्य में शामिल है। उन्होंने एमकाम और एमबीए की डिग्री हासिल की है। 
28 अगस्त 1969 को जन्म लेने वाले सरावगी छात्र जीवन से अखिल भारतीय विधार्थी परिषद से जुड़े रहे। भाजपा की सदस्यता उन्होंने 1995 में ली। इसके बाद उन्हें युवा मोर्चा में जवाबदेही मिली।उन्होंने सार्वजनिक सेवा और सामाजिक कार्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए एक मजबूत प्रतिष्ठा अर्जित की है, और दरभंगा निर्वाचन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
फिर दरभंगा नगर मंडल अध्यक्ष, जिला महामंत्री, प्रदेश गोवंश प्रकोष्ठ के संयोजक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, कई जिलों में संगठन प्रभारी और सदस्यता प्रभारी रहने का मौका मिला। 
संजय सरावगी ने पहली बार फरवरी 2005 में बिहार विधान सभा में प्रवेश किया, जिससे उनके प्रतिष्ठित राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई। उन्हें अक्टूबर 2005 और फिर 2010 में पुनः निर्वाचित किया गया, और उन्होंने बड़े अंतर से जीत हासिल की। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में, उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व मेयर ओम प्रकाश खेड़िया को 7,000 वोटों से हराया। उनके नेतृत्व और योगदान को मान्यता देते हुए, संजय सरावगी को अप्रैल 2018 में प्राकलन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी निरंतर लोकप्रियता और प्रभावी प्रतिनिधित्व को 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में फिर से पुष्टि मिली, जहां उन्होंने एक और महत्वपूर्ण जीत हासिल की।
लगातार पांच बार से विधायक रहे संजय सरावगी वर्तमान में प्राक्कलन समिति के सभापति हैं। इसके साथ ही दो-दो कॉलेज में शासी निकाय अध्यक्ष और दो-दो विश्वविद्यालय में अभिषद सदस्य हैं। संजय सरावगी न केवल राजनीति के प्रति समर्पित हैं, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, जिससे दरभंगा और उससे आगे के समुदाय को सुधारने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। नीतीश कैबिनेट विस्तार में उन्हें राजस्व व भूमि सुधार मंत्री बनाया गया है। उन्होंने मंगलवार को मैथिली भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

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