हसनपुर (समस्तीपुर) : हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में करेह नदी पर कई उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जा चुका है तथा अन्य उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य जारी है। इस बाबत समस्तीपुर जिला के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बड़गांव गांव निवासी सुशांत यादव सुमित ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया की हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक राजकुमार राय के कार्यकाल में विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। सुशांत ने कहा की पूरे हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में उच्च स्तरीय पुलों एवं टू लेन सड़कों के निर्माण हो जाने से यातायात का साधन काफी सुगम हो गया है। उन्होंने करेह नदी पर 68 करोड़ की लागत से राजघाट में निर्मित उच्च स्तरीय पुल , 30 करोड़ की लागत से लरझा घाट में निर्मित उच्च स्तरीय पुल तथा दर्जिया बांध फुहिया से जगमोहरा बांध तक निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल सहित अन्य पुलों के तैयार हो जाने से हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में यातायात के साधन में क्रांतिकारी परिवर्तन आने की बात कही। उन्होंने बताया कि समस्तीपुर जिला के सबसे अंतिम छोड़ पर स्थित बिथान प्रखंड में दर्जिया बांध से जगमोहरा बांध तक करेह नदी पर 467.41 मीटर की लंबाई में 50 करोड़ 28 लाख की लागत से निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हसनपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले बिथान प्रखंड के दर्जिया बांध फुहिया से जगमोहरा बांध तक करेह नदी में निर्माणाधीन उच्चस्तरीय पुल के निर्माण कार्य के पूरा होते ही हसनपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आनेवाले तीनों प्रखंड क्रमशः हसनपुर , बिथान व सिंघिया प्रखंड क्षेत्र में कई नए सड़क मार्गों की राह आसान हो जाएगी । उन्होंने कहा कि अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति तथा बाढ़ प्रभावित इलाका होने के कारण बिथान प्रखंड शुरू से ही काफी पिछड़ा हुआ क्षेत्र माना जाता रहा है। पूर्व विधायक राजकुमार राय के प्रयास से लगभग 50 करोड़ 28 लाख की लागत से बनने वाला यह 467.41 मीटर उच्च स्तरीय पुल हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बिथान प्रखंड के लिये लाइफलाइन साबित होगा। उन्होंने बताया कि बिथान प्रखंड के बाढ़ से घिरे रहने वाले चार पंचायत सलहा बुजुर्ग, सलहाचंदन, बेलसंडी एवं नरपा पंचायत सहित हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिये यह पुल काफी महत्वपूर्ण होगा।वहीं इस इलाके के लोगों के लिए दरभंगा, कुशेश्वरस्थान, अलौली, खगड़िया, बेगूसराय, सहरसा से लेकर नेपाल तक यात्रा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। इसके अलावा व्यवसायिक कार्य में भी तेजी आएगी । उन्होंने बताया लोगों का मानना है कि हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा घोषित करेह नदी पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण कार्य के पूरा हो जाने से इस इलाके में एक साथ कई नए सड़क मार्गों का प्रस्ताव पारित किया जा सकेगा। साथ ही परिवहन , स्वास्थ्य सेवा, उद्योग जगत, कृषि , व्यवसाय, शिक्षा तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिल सकेगा। उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण होते ही हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को इस विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले सिंघिया प्रखंड के राजघाट पर 60 करोड़ की लागत से 516. 64 मीटर में नवनिर्मित उच्चस्तरीय राजघाट पुल तथा 30 करोड़ की लागत से बिथान प्रखंड के लरझा घाट में निर्मित उच्चस्तरीय पुलों से होकर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में काफी सहूलियत हो सकेगी । वहीं हसनपुर प्रखंड से होकर गुजरने वाली सरहचिया से राजघाट तक 40 करोड़ की लागत से 17 किलोमीटर में निर्मित टू लेन सड़क तथा बिथान प्रखंड के सखवा चौक से भाया मेदो चौक , सुरहा, गरही, हरिपुर , गोहाचौक होते हुए बेगूसराय जिला के गढ़पुरा प्रखंड को जोड़ने वाली 30 करोड़ की लागत से निर्मित 12 किलोमीटर सड़क यातायात के साधन को काफी सुविधाजनक बना दिया है, तथा हसनपुर - बिथान व हसनपुर - सखवा मुख्य पीडब्लूडी सड़क में भी कई स्थान पर बाढ़ निरोधी तकनीक से पुलों का निर्माण किया गया है ताकि आमलोगों को आवागमन में काफी सुविधा हो सके। इसके अलावा 140 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के बिथान प्रखंड से होकर गुजरने वाली करेह नदी के पूर्वी तटबंध पर कोरनी बहा के निकट स्लुईस गेट के निर्माण से क्षेत्र के किसानों व स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। कोरनी बहा के निकट लगभग 10 करोड़ की लागत से स्लुईस गेट के निर्माण हो जाने से समस्तीपुर जिला के बिथान प्रखंड के बाढ़ प्रभावित चार पंचायत सलहा बुजुर्ग , सलहाचंदन , बेलसंडी तथा नरपा पंचायत सहित पड़ोस के दरभंगा जिला के सीमावर्ती प्रखंड कुशेश्वरस्थान के दर्जनों गांव के किसानों तथा स्थानीय लोगों को वर्षों से चली आ रही बाढ़ तथा जलनिसरण की समस्या से निजात मिलेगी। इसके फाटक सहित अन्य संचालन प्रक्रिया को पूर्णरूपेण डिजिटल तकनीक की सहायता से संचालित किए जाने को ले अलग से लगभग 30 करोड़ रुपए की योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इस स्लुईस गेट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी की बाढ़ के समय पानी के अत्यधिक दबाव को देखते हुए इसे जरूरत के हिसाब से खोला जाएगा ताकि यहां के लोगों तथा किसानों को किसी बड़ी कठिनाइयों का सामना न करना पड़ सके। साथ ही नदी के जलस्तर के नीचे जाते ही यहां के कृषि योग्य भूमि तथा अन्य स्थानों से स्लुईस गेट के माध्यम से सैंकड़ों एकड़ में फैले बाढ़ के पानी को आसानी से निकाला जा सकेगा। बाढ़ के पानी के नियंत्रित होते ही यहां के किसानों तथा स्थानीय लोगों के जीवन में खुशहाली आएगी । इसके अलावा नए सड़क संपर्क मार्गों के रास्ते प्रशस्त होते ही क्षेत्र के व्यवसायिक, शिक्षा, उद्योग, तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन देखने को मिलेगा। सुशांत यादव सुमित के अनुसार हसनपुर तथा बिथान प्रखंड में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण हो जाने से यहां के स्वास्थ्य सुविधाओं में भी क्रांतिकारी परिवर्तन आई है। वहीं दोनों प्रखंडों में अत्याधुनिक सुविधाओं एवं सूचना प्रद्योगिकी सुविधाओं से लेस प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवनों के निर्माण हो जाने से आमलोगों को एक ही परिसर में प्रखंड व अंचल से संबंधित कार्यों के निपटारे में काफी सुविधा होती है। किसानों के लिए भी ई किसान भवन के निर्माण हो जाने से उन्हें बिहार सरकार के कृषि विभाग के अंतर्गत संचालित योजनाओं के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ता है। शिक्षा के क्षेत्र में पंचायत स्तर पर प्लस टू विद्यालयों की शुरुआत हो जाने से छात्र एवं छात्राओं को अपने पंचायत में ही इंटर तक के पढ़ाई की सुविधा मिल गई है। सभी प्राथमिक, मध्य,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भी तैनाती की गई है। बिजली के क्षेत्र में काफी परिवर्तन आया है तथा सुदूर देहात में भी लोगों को निर्बाध रूप से बिजली उपलब्ध हो पा रही है । पंचायत स्तर पर पंचायत सरकार भवनों के निर्माण हो जाने से आमलोगों को पंचायत अंतर्गत सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। वहीं हसनपुर प्रखंड स्तर पर 87 लाख रुपए की लागत से निर्मित शिक्षक प्रशिक्षण भवन सह बीआरसी भवन के निर्माण कराए जाने से शिक्षकों को भी अपने जरूरी कार्यों के निपटारे में काफी सुविधा हो रही है।

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