पटना...अपनी मांगों के समर्थन में बिहार-झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन के सदस्यों ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी मांगों को गंभीरता से रखा। फेडरेशन आफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोशियेशन ऑफ़ इंडिया (एफएमआएआई) के आह्वान पर 20 दिसम्बर को लंबित मांगों के समर्थन में मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल के तहत बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन (बीएसएसआरयू) के सदस्यों का बिहार एवं झारखण्ड में सेल्स प्रमोशन का कार्य सम्पूर्ण बंद रहेंगे।लगातार मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के क़ानूनी अधिकार और नियोक्ताओं द्वारा उनके उपर अमानवीयता के खिलाफ संघर्ष किया है। संघर्ष कमेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए “सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज (कंडीशन ऑफ़ सर्विसेज) एक्ट, 1976 हासिल कर उन्हें एक श्रमिक का दर्जा और विभिन्न श्रम कानून के प्रावधानों को प्राप्त करने का अधिकार हासिल किया है l यही नहीं संघर्ष को जारी रखते हुए वर्ष 2010 में दवा क्षेत्र के अतिरिक्त 10 अन्य उद्योगों में कार्यरत सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए भी “सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज (कंडीशन ऑफ़ सर्विसेज) एक्ट, 1976 को लागु करवाया और मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए 8 घंटा काम,औद्योगिक विवाद अधिनियम 1946 के धारा 2(s) में संशोधन कर मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स को श्रमिक का दर्जा दिलाने में कामयाब हुआ है। इसके साथ ही दवा एवं चिकित्सा उपकरणों के मुल्य में कमी तथा उसकी सहज उपलब्धता के लिए लगातार आन्दोलन जारी रखने के साथ श्रमिकों के संयुक्त आन्दोलन, मंहगाई के विरोध में जन आन्दोलन में महत्वपूर्ण रूप से अगुवाई कर नेतृत्वकारी भूमिका में मजदूर एवं जन विरोधी नीतियों के खिलाफ केंद्र एवं राज्य सरकार अपने क़ानूनी अधिकार एवं दवा एवं चिकित्सा उपकरणों के मूल्य में कमी तथा उसकी सहज उपलब्धता के लिए बिहार झारखंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स यूनियन (बीएसएसआरयू) के सदस्य सहित कार्यरत सभी मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स 20 दिसम्बर’ को अपनी एक दिवसीय अखिल भारतीय हड़ताल पर रहेंगे तथा बिहार एवं झारखण्ड राज्य में सेल्स प्रमोशन का कार्य सम्पूर्ण रूप से बंद रखेंगे। केंद्र सरकार से प्रमुख मांग के रूप में मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए लागू“सेल्स प्रमोशन एम्प्लाइज (कंडीशन ऑफ़ सर्विसेज) एक्ट, 1976 को बरक़रार रखते हुए उन्हें लागू किया जाय।मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए निर्धारित काम की वैधानिक कार्य नियमावली का तैयार करना, काम करने के अधिकार के तहत मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के कार्य स्थल , सरकारी अस्पताल एवं संस्थाओं के प्रवेश पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करना,दवा और सभी प्रकार की चिकित्सा उपकरणों के मूल्य पर लगे जीएसटी को खत्म कर और उनकी कीमत पर नियंत्रण करके कीमत को कम किया जाय।डाटा प्रायवेसी की रक्षा करना। दवा एवं अन्य उद्योग के नियोक्ताओं से मांगें - मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स का सेल्स के आधार पर उत्पीड़न और छटनी बंद करो ।मेडिकल एवं सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स की ट्रैकिंग एवं निगरानी के जरिए उनके “ निजता के अधिकार” का हनन बंद करो। मेडिकल तथा सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स के उनके कार्य क्षेत्र में प्रवेश एवं उनके काम करने के कानूनी अधिकार को बहाल करो। प्रेस वार्ता को बीएसएसआरयू के राज्य महासचिव का. शशि प्रकाश, एफएमआरएआई के उपाध्यक्ष का. देवाशिष रॉय, सचिव का. मनोज चौधरी, भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के राज्य अध्यक्ष का. गणेश शंकर सिंह, सीटू राज्य महासचिव का.अनुपम कुमार और बीएसएसआरयू मिडिया प्रभारी का. संजय कुमार एवं का. अजीत कुमार सिन्हा ने संबोधित किया।

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