पटना.......बड़े ही मनोयोग से बसाया गया ए जी काॅलोनी अब खुद की दुर्दशा से मर्माहत है।आज की सच्चाई यह है कि बीते साल ही कभी एलपीजी लाइन तो कभी अन्य सरकारी काम के चलते ठेकेदारों ने पिच सड़कों को खोद कर,अपना काम तो निवटा लिया लेकिन एजी काॅलोनी मेन रोड से लेकर पार्क से सटे श्रीनगर तथा घनी आबादी के लोगों के सामने चलना दूभर हो गया है।हास्यास्पद बात है कि प्रति वर्ष कर के रूप में सरकारी फरमान के मुताबिक, जनता से निर्धारित राशि की वसूली भी की जाती है लेकिन आज केवल बदहाल सड़क के चलते पटना जं रेल स्टेशन,बस स्टैंड, हवाई अड्डे से दिन-रात आने जाने वाले यात्रियों के लिए कमर्शियल वाहन मिलना कठिन हो रहा है।वाहनों की सुविधा केवल सरकारी कागज पर है। पटना नगर निगम के अधिकारी के सामने स्टीमेट के नाम पर रोना बहाना तो इलाके के जनप्रतिनिधि मार्च लूट का शायद इंतजार कर रहे हैं।इस बीच बुजुर्गो,बच्चे-बच्चियों के साथ मरीजों को एजी काॅलोनी के श्रीनगर से अपने वाहन से भी निकलना कठिन हो गया है। सरकारी जनसुविधा के नाम पर अच्छी-भली सड़क को बदहाल करने वाले ठेकेदारों ने तो सड़क बनाने से खुद का पल्ला झाड़ लिया लेकिन जनप्रतिनिधि की बेरूखी और नाफरमानी के चलते नारकीय जीवन जीने वाले लोगों से सरोकार तो रहेगा ही। इस बीच घनी आबादी वाले इस इलाके में आवागमन के लिए रास्ते को दुरूस्त किया जाना एक प्राथमिकता है।नगर विकास तथा पी डब्लू डी के साथ नगर निगम के हाकिमों से अपील है कि इस नारकीय जीवन से जनता को उबारने का काम करें।

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